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हनुमा विहारी ने बताया कैसे 36 पर सिमटने के बाद टीम इंडिया ने ऑस्ट्रेलिया को दी मात

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हनुमा विहारी ने सिडनी टेस्ट की चौथी पारी में चोटिल होने के बावजूद बल्लेबाजी की. (PIC : AP)

हनुमा विहारी ने सिडनी टेस्ट की चौथी पारी में चोटिल होने के बावजूद बल्लेबाजी की. (PIC : AP)

Hanuma Vihari Interview: हनुमा विहारी ने ऑस्ट्रेलिया में मिली जीत को सबसे बड़ी टेस्ट सीरीज जीत बताया है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    January 21, 2021, 5:27 PM IST

नई दिल्ली. भारतीय टेस्ट टीम के मजबूत स्तंभ हनुमा विहारी फिलहाल हैमस्ट्रिंग की चोट से उबर रहे हैं. विहारी सिडनी टेस्ट के नायक रहे थे जब भारतीय टीम ने 130 ओवर से ज्यादा बल्लेबाजी कर मैच ड्रॉ करा लिया था. सिडनी के बाद ब्रिसबेन में टीम इंडिया ने ऐतिसाहिक जीत हासिल कर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी 2-1 से अपने नाम की. गाबा के मैदान पर मिली जीत के बारे विहारी कहते हैं कि इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है. ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर जो परिस्थितियां उत्पन्न हुई उस वजह से भारत के लिए यह सबसे बड़ी सीरीज जीत है.

विहारी ने इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में कहा, “अच्छा होता अगर मैं गाबा में जीत हासिल करने वाली भारतीय टीम का हिस्सा होता. घायल होने की वजह से इसके बारे में बहुत कुछ नहीं कर पाया. कुछ चीजें मेरे नियंत्रण में नहीं हैं.” विहारी फिलहाल बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में रिहैब की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं.

एडिलेड में करारी शिकस्त मिलने के बाद भारतीय ड्रेसिंग रूम के माहौल में बारे में विहारी ने बताया, “मुझे नहीं लगता कि खेल के बाद हमारी बैठक हुई. मुझे लगता है कि टीम प्रबंधन ने एडिलेड टेस्ट की दूसरी पारी के बारे में ज्यादा बात नहीं करने का निर्णय लिया. मेलबर्न टेस्ट से पहले हमारे मुख्य कोच रवि शास्त्री ने हमें कहा कि एडिलेड में जो हुआ वह एक बार की बात थी और यह क्रिकेट के मैदान पर फिर कभी नहीं होगा. आइए इसके बारे में भूल जाएं और इसे तीन मैचों की सीरीज की तरह देखें. विराट कोहली ने जाने से पहले हमें खुद पर और अपने खेल पर विश्वास करने के लिए कहा. पीछे मुड़कर देखें तो एडिलेड में नुकसान एक आशीर्वाद था क्योंकि यह हमें एक टीम के रूप में करीब लाया.”

यह भी पढ़ें:IND vs AUS: यह भारत की युवाशक्ति की जीत है, इसे आंकड़ों में तौलने की गलती मत करिए

ऋषभ पंत दुनियाभर में मशहूर! फिर भी क्यों बनाना चाहते हैं अपनी पहचा

सिडनी टेस्ट के पांचवें दिन के बारे में उन्होंने बताया, “हमें 400 से अधिक रन बनाने थे. केवल दो संभावनाएं थीं, एक ड्रॉ या ऑस्ट्रेलिया की जीत. लेकिन जिस तरह से चेतेश्वर पुजारा और ऋषभ पंत बल्लेबाजी कर रहे थे, उससे हमें उम्मीद थी. लेकिन वे आउट हो गए और फिर मैं चोटिल हो गया. जडेजा बल्लेबाजी करने के लिए फिट नहीं थे और अश्विन भी चोटिल हो गए. इसने समीकरण को बदल दिया और हमारे पास केवल ड्रॉ का एक ही विकल्प बचा था. अश्विन और मैं दोनों ही मैच को ड्रॉ करना चाहते थे क्योंकि सीरीज 1-1 से बराबरी पर थी. हमें पता था कि तीन घंटे बल्लेबाजी करनी होगी.”






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