क्या चल रहा है?

जीत के लिए मैदान पर पेशाब करता था ये खिलाड़ी, तो कोई करता था 50 टोटके!

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फुटबॉल के अंधविश्वासी खिलाड़ी

फुटबॉल के अंधविश्वासी खिलाड़ी

दुनिया का सबसे मशहूर खेल फुटबॉल अंधविश्वासी (Football Superstitions) खिलाड़ियों से भरा पड़ा है. जीत के लिए खिलाड़ी ऐसे टोटके करते हैं कि दिमाग चकरा जाए

नई दिल्ली. फुटबॉल की दुनिया चमत्कारों से भरी पड़ी है. ये ऐसा खेल है जिसमें कोई भी टीम, कभी भी जीत सकती है. आप इस खेल में कभी किसी चीज का अनुमान नहीं लगा सकते और इसीलिए ये दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल है. फुटबॉल खिलाड़ी भी फैंस के लिए मसीहा से कम नहीं होते. पेले, माराडोना, लियोनल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो, ये सभी खिलाड़ी फैंस के लिए भगवान की तरह हैं, लोक इनकी भक्ति करते हैं. वैसे फुटबॉल का खेल बेहद ही अजीब खिलाड़ियों से भी भरा पड़ा है. ये खिलाड़ी अपने अंधविश्वास और टोटकों (Football Superstitions) की वजह से अजीब हैं. इनके टोटके जानकर किसी का भी सिर चकरा सकता है. आइए आपको बताते हैं फुटबॉल के 4 सबसे अंधविश्वासी खिलाड़ियों के बारे में.

सर्जियो गोयोचेया मैदान में करते थे पेशाब!
फुटबॉल में गोलकीपरों को पागल कहा जाता है और इस फेहरिस्त में शायद अर्जेंटीना के पूर्व गोलकीपर सर्जियो गोयोचेया टॉप पर होंगे. गोयोचेया मैच जीतने के लिए एक ऐसे टोटके (Football Superstitions) का इस्तेमाल करते थे जो आपको हैरान कर देगा. गोयोचेया हर पेनल्टी शूट-आउट से पहले फुटबॉल मैदान पर पेशाब करते थे. उनका ऐसा मानना था कि इससे उनकी किस्मत चमकती है और टीम मैच जीत जाती है. बता दें गोयोचेया ने साल 1990 फीफा वर्ल्ड कप में ऐसा ही किया था और क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल मुकाबलों में उन्होंने पेनल्टी शूट-आउट में अर्जेंटीना को जीत दिलाई थी. हालांकि फाइनल में अर्जेंटीना को वेस्ट जर्मनी से हार झेलनी पड़ी थी.

50 टोटके करते थे जॉन टेरीइंग्लैंड के पूर्व फुटबॉल कप्तान जॉन टेरी तो टोटकों (Football Superstitions) के बादशाह ही थे. जॉन टेरी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वो मैच से पहले एक-दो नहीं पूरे 50 टोटके करते थे. टेरी मैच से पहले कार में सिंगर उशर की सीजी सुनते थे, इसके बाद वो अपनी कार उसी जगह पर खड़ी करते थे जो उनके लिए लकी थी. टैरी टीम बस में भी अपनी लकी सीट पर बैठते थे. यही नहीं टैरी ने अपने लकी शिन पैड 10 सालों तक पहने.

गंजे सिर को चूमते थे लॉरेंट ब्लैंक
1998 फीफा वर्ल्ड कप में एक तस्वीर ने काफी सुर्खियां बटोरी थी और वो था लॉरेंट ब्लैंक का फेबियन बर्थेज़ के गंजे सिर को चूमना. फ्रांस के ये दो खिलाड़ी हर मैच से पहले ऐसा ही करते थे. यही नहीं फ्रांस की टीम का हर खिलाड़ी हर मैच के दौरान एक ही सीट पर बैठा, मतलब किसी ने अपना स्थान नहीं बदला. वो स्टेडियम में आते हुए एक ही गाना सुनते थे.

अंधविश्वास ने ली जान! 
आपने किसी भी टीम को मैच के बाद एक साथ नहाते जरूर देखा होगा लेकिन जिम्बाब्वे के एक फुटबॉल क्लब मिडलैंड पोर्टलैंड सीमेंट ने ऐसा अंधविश्वास (Football Superstitions) किया कि उनके एक खिलाड़ी को ही जान गंवानी पड़ी. लॉस एंजेलिस टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक क्लब का कोच अपनी टीम के खिलाड़ियों को शुद्ध करने के लिए जामबेजी नदी में ले गया. नदी में क्लब के 16 खिलाड़ियों ने डुबकी लगाई लेकिन निकले सिर्फ 15. क्लब का एक खिलाड़ी नदी के तेज बहाव में बह गया और उसका कभी पता नहीं चला.

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